Kamuk Muslim Incest Sex – घर में अम्मी चाची और दीदी की चूत चोदा


Kamuk Muslim Incest Sex

कई बार इंसान कुछ ऐसी परिस्थिति में फंस जाता है, तब उसको पता ही नही होता है क्या सही हो रहा है क्या गलत। जी हां दोस्तों ये बात किसी और के लिए नहीं बल्कि मेरे लिए ही है। मैं आज अपनी कहानी सुनाने जा रहा हूँ। कैसे एक परिवार के दो औरत और एक लड़की को चुदाई करता है। सुबह से रात तक बारी बारी से। Kamuk Muslim Incest Sex

मैं यहाँ आपको शिकायत नहीं कर रहा हूँ। मैं अपनी कहानी बता रहा हूँ। ऐसा भी नहीं है की मुझे सही नहीं लग रहा है। मैं भी मजे कर रहा हूँ। मुझे भी तीनो की चुदाई से कोई शिकायत नहीं है। पर ये सब कैसे हुआ आपको वही बताने जा रहा हूँ। मैं चाहता हूँ आपका लंड खड़ा हो जाये और महिलाओं और लड़कियों की चूत गीली हो जाये।

ये मेरी पहली कहानी है क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर। असल में मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी शादी निकाह मेरे घर में हुआ है शादी करवाने वाली कोई और नहीं बलकि मेरी माँ यानी अम्मी है। उसने मेरी लंड लेकर मेरी शादी मेरी दीदी जान से करवाई है। तो आपको समझ आ गया होगा। या तो मैं अपने घर से भाग जाऊं या जो हो रहा है उसी का फायदा उठाऊं और ज़िंदगी जिऊँ।

दोस्तों इसी कसमकस में सोचा की शायद मुझे यही सही रहेगा की मैं अपने घर में ही रहूं। अगर मैं भाग जाता हूँ तो यहाँ मुझे तीन बुर चोदने को मील रहा है। पता नहीं बाहर बिस्तर गर्म करने को मिले या नहीं हालात से लड़कर और जीने के लिए। और रही बात वापस दुसरे शहर जाने की जहाँ कोई बुर मिले या नहीं तो बार बार मुठ मारने से अच्छा है की एक घर में ही तीन बुर चोद लूँ।

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अब मैं आपको अपनी पूरी कहानी बता रहा हूँ। बात तब कि है जब सीएए और एनआरसी की धारणा चल रही थी और मेरी अमी चाची जान और दीदी जान बारी बारी से आठ आठ घण्टे के लिए जाती थी अमी रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रहती थी उसके बाद चाची जान सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहती उसके बाद दीदी जान दोपहर 2 बजे से रात को 10 बजे तक रहती थी.

बात एक हफ्ते बाद की है जब रात 11 बजे मेरी चाची जान मुझे फोन की ओर बोली कि रियाज मेरी रूम में आओ मैं तुरन्त चाची जान की रूम में गया चाची जान सिर्फ बुर्खा पहनी हुई थी और बिस्तर पर लेटी हुई थी मैं उनके पास गया और और धीरे से कहा क्या बात है चाची जान तब चाची जान मुस्कुराते हुए बोली मैं बहुत थक गई हूं क्योंकि रोज सुबह सुबह मुझे जाना होती हैं इसलिए मेरी पीठ में कुछ दर्द हो गई है क्या तुम दबा दोगे.

तब मैंने चाची जान को हा बोला और धीरे धीरे उनके पीठ को सहलाने लगा लेकिन जैसे जैसे बुर्खा हटाता गया वैसे वैसे चाची जान की जिस्म नंगा होते गया कुछ देर बाद चाची जान को मैने पूरा नंगा कर दिया अब मुझसे रहा नहीं गया और चाची जान को रात भर चोदा और खूब रंगरेलियां मनाई चाची जान भी खूब गांड उठा उठा कर चुदवाई।

रात भर में चाची जान की बुर का भोंसड़ा बना दिया। चाची जान की गांड भी फाड़ दी थी बुर मार कर। चाची जान भी तैस में आ गई और खूब कूदी मेरे लंड पर और खूब मजे ली पूरी रात। पर जब ठंढा पड़ा और चाची जान कपडे पहन ली तब वो मुझे रूल समझाने लगी की मेरे घर का क्या रूल है।

उसने एक बात बोला की तुम कभी भी अपनी अम्मी जान और अपनी दीदी जान को नाराज नहीं करोगै ? मैं भी तैस में आकर पूछ लिया। नाराज क्या ? क्या वो मेरे से अपनी बुर यानी चूत चुदवाने देगी। तो मेरी चाची जान बोली हां सब कुछ। करने देगी मेने चाची जान को किस किया और और दुसरे दिन एक नई बुर ओ भी अम्मी जान या दीदी जान की ये सोच सोच के ही मैं बहुत खुश था.

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लेकीन चाची जान को पूरी रात चोद चोद के सुबह हालात खराब कर दिया था सुबह चल भी नहीं पा रही थी मेरी अम्मी नहीं अभी तक आई नहीं थी तभी दीदी जान चाची जान को उठाने आई और शायद चाची जान रात भर चुदवाने से सुबह चल नही पाई और दीदी जान को बोली कि आज से सुबह तुम चली जाओ दोपहर चली जाऊंगी चाची जान दीदी जान को अपनी जगह भेज दिया था।

अब फिर सेचाचीजन कोपेला और सारा वीर्य उनकी बुर में डाल दिया कुछ देर बाद अम्मी जान आई ओ 50 साल की उम्र की थी फिर भी उनको सही से चोदा जाए तो अम्मी को अभी भी बच्चा हो जायेगा शायद चाची जान को चोदने के बाद अम्मी जान को भी चोदूंगा ये मैं सोच रहा था लेकिन इसके बारे में कभी अमी जान पूछा नहीं।

मुझे लगा जो भी मैं सोच रहा हूं मेरी अम्मी मान लेगी और नही मानेगी तो आगे देखा जाएगा क्या करना है। पहले तो मैं चाची जान को रात भर पेला यही कम नहीं था। रही बात अम्मी का वो देख लुंगा और रही बात दीदी का तो मजे लुंगा। चाहे दीदी जान दोपहर के बाद क्यू ना आए अगले दीन सुबह मेरी दीदी जान अपने ड्यूटी पर चली गई क्यों की उसे जाना जरुरी था।

क्योंकी चाची जानअब दोपहर को जाएंगी दीदी जान उठी और वो चली गई चाची जान नहाने गई बाथरूम में। नहा कर जैसे बाहर आई और अपने कमरे में गई तो मैं उनकी पलंग पर बैठा था। चाची जान पूछी की बाबू आप यहाँ? तो मैं बोला क्यों नहीं चाची जान ये घर ऐसा है कोई भी कही जा सकता है।

एक चीज को हम लोग बाँट कर खाते हैं। एक तो गई अब आप एक ही तो हो चाची जान मुस्कुराते हुए बोली नहीं मैं अकेली नहीं हु अभी अभी दीदी जान आई है मैं चिहुकते हुए बोला कया चाची जान ओ मेरी अम्मी जान है चाची जान समझ गई, की मैं अमी जान को चोदने के लिए तैयार था। “Kamuk Muslim Incest Sex”

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चाची जान बोली अभी मुझे बहुत दर्द हो रहा है। रात भर तुमने मेरी चूत यानि बुर का भोंसड़ा बना दिया है। अभी तक दर्द कर रहा है। मैने बोला चाची जान मैं आपका ख्याल रखूंगा। मैं अभी नहीं चोदुंगा । मैं तुम्हारी चूत में तेल लगा देता हूँ ताकि दर्द ख़तम हो जाये। पर उन्होंने कहा नहीं नहीं मुझे ये सब पसंद नहीं।

पर मैं किचन में गया और तेल गरम करके। लाया तब तक अमी बाल झाड़ कर तैयार हो रही थी तभी मैं सरसों का गरम तेल ले आये और बोला चाची जान लेट जाओ। तभी चाची जान माना कर दी। मैं धीरे से अमी के रूम में गया अभी गेट पर गया ही था की मेरी नजर अम्मी की पिछवाड़े पे परी उन्होंने पेटीकोट ऊपर करके और पेंटी पहन रही थी दोनों पैरों को फैला के रखी हुईं थी.

और कुछ देर बाद अम्मी अपनी चूत को सहला कर मज़े लेने लगी तभी अम्मी की नजर मेरे नजर से मिली और अम्मी मुस्कराने लगी। में तुरन्त बोला हे आला तूने मेरी सुन ली। मैं आला से माँगा रहा था की मुझे ऐसी चूत यानी बुर देना जिसके बुर में बाल नहीं हो। और ऐसा ही हुआ क्लीन था अम्मी की बुर यानि चूत।

उसके बाद मैं तेल लेके अम्मी के पास पहुंचे और तेल अम्मी जान की बुर में लगाने लगे। करीब पांच मिनट तक तेल लगाए अम्मी जान की बुर गीली होने लगी। चूचियां भी तन गई थी। मुझे ऐसा लग रहा था इनहे पेल दु। तभी अम्मी ने कह दिया बेटा हौले हौले घुसाओ। मैं बोला ठीक है।

अम्मी मैं तुरंत लुंगी खोला और नीला अंडरवियर जो लाइन बाला होता है। खोल दिया और लंड को हिलाने लगातभी अम्मी मेरे लंड में तेल लगाने लगी और फिर से अपनी बुर में तेल लगा लिया और बुर पर लंड लगा कर घुसाने लगी। पर मेरा लौड़ा घुस नहीं रहा था क्यों की मैं नहीं चाहता था की अम्मी ख़ुद चुदवा के सन्त हो जाए फिर अम्मी ने मेरे लंड को हिलाया और अपनी मुँह में ले ली और थोड़े देर तक अपने मुँह में ली तो मेरा लौड़ा मोटा और लंबा हो गया।

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तभी मैंने अम्मी जान को बोला अम्मी जान अभी चाची जान जागी हुई है तभी अम्मी जान बोली बेटा तेरी चाची जान ही तो मुझे बताई है कि तेरा लंड अब किसी भी बुर का भोसड़ा बना देगा इतना सुनते ही मैं अम्मी जान की बुर में अपना लंड घुसा दिया और करीब दस मिनट तक चोदे और सारा माल अम्मी की पेट पर गिरा दिए। “Kamuk Muslim Incest Sex”

अम्मी अभी भी प्यासी ही थी पहले अम्मी जान खूब चीला रही थी लेकिन अब अम्मी जान की दर्द ख़तम हो गया था। अब दर्द नहीं हो रहा था। मैं अपने वीर्य को अम्मी जान की पेट पर रगड़ रहा था अम्मी जान सो गई क्यों की अभी अभी चुदवा ली थी। भी अम्मी जान को पकर के सो गया करीब तीन बजे नींद खुली वो भी जब घर का दरवाजा कोई पीट रहा था।

जाकर खोला तो देखा दीदी जान थी। वो अंदर आते ही दरवाजा बंद कर दि। और मुझे अपनी रूम में आनेकी इशारा करके चली गई मैं भी दीदी जान के रूम में गया मैं अन्दर गया ही था कि दीदी जान कुंडी लगा दी और मुझे अपनी बाहों में ले लि। मैं भी खुशी खुशी उनके बाहों में समा गया। क्यों की दीदी जान को मैं बहुत पसंद करता था वो मेरे लायक थी।

वो मेरे होठ को चूसने लगी मैं भी दीदी जान की चूचियां दबाने लगे। मैं भी उनको किस करने लगा और सहलाने लगा। धीरे धीरे मैं दीदी जान को बैड में लेकर आये और उनकी बुर्खा खोल दिया दीदी जान खुद ही ब्रा खोल के गई थी और पेटीकोट भी उतार के गई थी ।

ये सब देखकर मुझे बहुत ख़ुशी हुई मै दीदी जान को बोला आप अपने घर के कायदे कानून को बिना झिझक के अपना लिए हैं। आप रानी बनकर रहोगी इस घर में। इतने में दीदी जान मुस्कुराई और सरमाने लगी इतने में मैं दीदी जान के ऊपर टूट पड़े उनकी चूचियां पिने लगे। दबाने लगे। होठ चूसने लगे। और फिर चूत चाटने लगे।

थोड़ी ही देर में दीदी जान बोली बस करो ऐसे चाटना अभी मुझे चोद दो। दीदी जान की बात सुनकर मैने दीदी जान की दोनो टांग को अलग अलग किया और अपना मोटा लंड दीदी जान की बुर के मुंह में सेट किया और धीरे धीरे पूरा पेल दिया। जब लंड दीदी जान की बच्चेदानी से टकराया तब उन्हे दर्द होने लगा था क्यों की मेरा लौड़ा काफी मोटा और लंबा था।

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जब मैं धीरे धीरे चोदना शुरू किया तो दीदी जान पानी पानी हो गई। ओर अपनी कमर हिला हिला के मेरा खूब साथ देने लगी आज पहली बार कोई लड़की मिली थीं जो मेरा साथ दे रही थी मैं भी दीदी जान को खूब चोदा उठा के बैठा के निहुरा के सोला के कभी अपने ऊपर लेके तो कभी अपने निचे दबा के कभी खड़े होकर।

तो कभी गोद में उठा के करीब एक घंटे तक दीदी जान को चोदा आखिर कार दीदी जान झर गई मैं अभी भी दीदी जान को गोद में लेके चोद रहा था तभी मेरे लंड से एक जोरदार पिचकारी मारी और और देखते देखते मेरा सारा वीर्य दीदी जान की बुर में गिर गया। मै दीदी जान को लेके बेड पर लेट गया. “Kamuk Muslim Incest Sex”

कुछ देर बाद धीरे धीरे मेरा लंड दीदी जान की बुर से बाहर निकल आया मै अपने जेब से एक सोने का चेन निकाला और दीदी जान के गले में डाल दिया और बोले ये मेरे तरफ से। है दीदी जान धीरे से मुस्कुराई और अपनी आंख बंद कर ली दोस्तों पहले तो सात दिन तक मैं चाची जान अम्मी जान और दीदी जान को रोज पेला पर अब दीदी जान तैयार हो गई है मेरे बच्चे की अम्मी बनने के लिए लेकिन इसके लिए अम्मी जान से कुछ बात हुई नही थी.

लेकिन दीदी जान जब भी चुदवाती मेरा वीर्य अपनी बुर में डलवाती दोस्तो ये करीब तीन महीने चला अब मेरी दीदी जान मेरे दो महीने के बच्चे की मां बनने वाली है अब आगे क्या होगा पता नहीं तो अब कोई बात नहीं है। दीदी जान खूब चुदवा रही है मजे ले रही है। ओर मुझे I इतना माजा देती हैं की मेरी अम्मी जान और चाची जान भी मुझे इतना माजा नही देती हैं मैं अपनी दूसरी कहानी भी क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर लिखूंगा आप को मेरी कहानी कैसी लगी मुझे कॉमेंट करे और मेरा आगे का कहानी आप जरूर पढियेगा।

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