Bhai Vasna Porn Kahani – बहन मेरा लंड देख कर शर्मा गई


Bhai Vasna Porn Kahani

हाय दोस्तो मैं परवेज मैं आप सबके लिए आज आपको अपनी ज़िंदगी की एक बिल्कुल सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ. ये मेरी निजी ज़िंदगी से ताल्लुक़ रखती है. मैं क्रेजी सेक्स स्टोरी का पुराना पाठक हूँ, और अपने सह-पाठकों को इस खूबसूरत घटना को पढ़ने से वंचित रखना नहीं चाहता इसलिए मैंने इस घटना को आप सबके साथ साझा करने का मन बना लिया है. Bhai Vasna Porn Kahani

पहले तो मैं इस खूबसूरत घटना को क़िसी के साथ शेयर करने के पक्ष में नहीं था. मगर बाद में दिल ने कहा कि नहीं ये मुझे आप सभी को बताना ही चाहिए. मुझे उम्मीद है कि क्रेजी सेक्स स्टोरी के प्रिय पाठकों को मेरी ये सेक्स कहानी बहुत पसंद आएगी. इस सच्ची घटना में मेरे अलावा चार अन्य पात्र और भी हैं.

मैं मेरी अम्मी, छोटी बहन साजिया, जो की मेरे से दो साल छोटी थी बीवी रूबिका जो कि मेरे अपने चाचा की लड़की थी इस कहानी के अहम पात्र हैं. उन सभी की प्राइवेसी का ख्याल रखते हुए मैंने अपना और बाकी सभी का नाम बदल दिया है. ताकि रिश्तेदारों और समाज में कोई गलत संदेश ना जाए. मेरा नाम परवेज़ है. मेरी उम्र 22 साल है. मेरे अब्बू की मौत 5 साल पहले ट्रक एक्सिडेंट में हो चुकी है.

चूंकि अब्बू रेलवे में क्लर्क थे, तो अनुकंपा के आधार पर उनकी जगह मेरी नौकरी लग गयी. अब्बू के जाने के एक साल बाद अपने चाचा की बेटी रुबिका से मेरी निकाह ,(शादी ) हो गयी. दो साल बाद रुबिका हमल (गर्भ) से हो गयी. घर में हम सभी बहुत खुश थे, बात भी खुशी की थी. क्योंकि घर का वारिस जो पैदा होने वाला था. वक़्त गुज़रते देर नहीं लगता, नौ महीने कब गुज़र गए, पता ही नहीं चला.

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डेलिवरी का दिन आ गया … लेकिन बदकिस्मती से डेलिवरी के समय मामला कुछ फंस गया और बच्चे के जन्म के साथ ही मेरी बीबी रुबिका की मृत्यु हो गयी. डॉक्टर ने रुबिका को बचाने के बहुत कोशिश की, लेकिन खुदा को शायद कुछ और ही मंज़ूर था. इस हादसे से मेरे परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा. दुध-मुँहे बच्चे की परवरिश की सारी ज़िम्मेदारी अम्मी और मेरी जवान हो चुकी बहन साजिया पर आ पड़ी.

उस वक्त घर में उदासी और गम का माहौल था. दो महीने बाद बहन साजिया का फाइनल एग्जाम होने वाला था. उसके बावजूद साजिया बच्चे का बड़े प्यार से ख्याल एक माँ की तरह रख रही थी. दो महीने गुज़रते देर नहीं लगे. साजिया ने आधी अधूरी तैयारी के साथ जैसे तैसे एग्जाम दिया और सेकेंड डिविजन से पास भी कर गयी. चूंकि साजिया उम्र में मुझसे लगभग 2 साल छोटी थी.

इसलिए वो घर की दुलारी थी. मैंने गिफ्ट में उससे एंड्रायड फोन ला कर दिया, जिसे पाकर वो बहुत खुश हुई और … ‘थैंक्स भाईजान …’ बोल कर मेरे गले से लग गयी. उसके चूचे मेरे सीने से टच कर गए. आज पहली बार बहन साजिया के गुंदाज़ जिस्म का स्पर्श मुझे काफ़ी मस्त लगा. उस रोज़ दिन भर मैं काफ़ी उत्तेजित रहा. बहन निहायत ही खूबसूरत लड़की थी.

गोरा रंग, भरा भरा जिस्म, उसका फिगर 34 28 34 होगा, जवानी टूट कर उस पर आई थी. आज से पहले मैंने कभी उसको ऐसी नज़रों से नहीं देखा था. लेकिन आज उसके सीने के मुलायम स्पर्श से मेरे दिल में हलचल सी मची हुई थी. मैं बार बार बच्चे को देखने के बहाने बहन के क़रीब होने का मौका तलाश करने लगा. मैं अपने दिलो-दिमाग से ऐसे ख्याल को झटकने की कोशिश कर रहा था.

लेकिन कहते हैं ना कि दिल है कि मानता नहीं. साजिया लाख मेरी सग़ी बहन थी, लेकिन थी तो एक हूर सी लड़की. मेरी पत्नी के जाने के बाद मेरी ज़िंदगी बिल्कुल वीरान हो चुकी थी. लेकिन अचानक हुई इस घटना … और बहन का मेरे बच्चे से प्यार और ममता को देख कर उसके प्रति मेरा आकर्षण और उत्सुकता का पैमाना बढ़ता ही जा रहा था. उसे देखने का मेरा नज़रिया बदल चुका था.

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अब मेरी नज़रें बहन के भरे भरे कूल्हों और मम्मों पर जा टिकतीं. साजिया जब चलती. तो उसके नितंबों की थिरकन और उछलन देखने लायक होती. अब तो मैं अक्सर जानबूझ कर अम्मी के सामने ही बच्चे को चुम्बन करते समय, बहन की तरफ इशारा करते हुए शरारत से कह देता जाओ- अपनी मम्मी की गोद में. अब तेरी अम्मी यही है. बहन यह सुन कर बुरी तरह शर्मा जाती.

मेरी अम्मी काफ़ी तजुर्बेकार औरत थीं. कई बार मुझे बहन को चोरी चोरी देखते हुए अम्मी ने आखिर पकड़ ही लिया. वो मेरी नज़रों में बहन के प्रति एक भाई के प्यार की जगह एक पुरुष की वासना भरी भूखी नज़र को पहचान गयी थीं. बहन के लिए मेरी चाहत और प्यार को देख वो कुछ सोचने पर मजबूर हो चुकी थीं.

आख़िर एक दिन अवसर देख कर अम्मी ने मुझसे पूछ ही लिया- बेटा, आख़िर तुमने अपनी ज़िंदगी के बारे में क्या सोचा है? अब तुझे अपने भविष्य और बच्चे के लिए दूसरी शादी कर ही लेनी चाहिए. मैंने कहा- नहीं अम्मी नहीं … मुझे शादी नहीं करनी. एक सौतेली माँ सौतेली ही होती है, ना जाने मेरे बेटे (शान) से कैसा बर्ताव करे. तब अम्मी ने कहा- अगर तू बुरा ना माने, तो एक बात कहूँ बेटा?

मैंने कहा- हां कहो न अम्मी. अम्मी- जब तेरे बच्चे को साजिया एक अम्मी का प्यार दे सकती है, तो तुझे एक पत्नी का प्यार क्यों नहीं दे सकती? अम्मी ने मेरे दिल की बात कह दी थी, मैं दिखावे के लिए ऊपरी मन से बोला- अम्मी, तुम भी क्या अनाप-शनाप बोल देती हो. साजिया मेरी सग़ी बहन है, यह कभी नहीं हो सकता. समाज क्या कहेगा?

इस पर अम्मी ने कहा- देख बेटा, मैंने तेरी आंखों में साजिया के लिए जो प्यार और आकर्षण देखा है, वो मुझसे छुपा नहीं है. मेरी तजुर्बेकार निगाहें धोखा नहीं खा सकतीं. मैंने बहुत जल्द कहा- अम्मी, साजिया इस बात के लिए कभी तैयार नहीं होगी. वैसे भी वो मेरी सगी बहन है. उसके मन में भी अपने कुछ अरमान, कुछ हसरतें तो होंगी वो अपने सगे भाई को अपनी शौहर बनायेगी क्यू?

अम्मी ने कहा- बेटा बात वो नहीं है … तुम दोनों मेरी दो आंखों की तरह हो, तुम दोनों के अलावा इस दुनिया में मेरा और कौन है? बेटा आज से कुछ साल पहले तेरे अब्बू ने मेरी कोख में जो बीज डाला था. वो पौधा अब दरख़्त की शक्ल अख्तियार कर चुका है. उस पर फल लगने ही वाले हैं. मेरी दिली ख्वाहिश है कि उस पर लगने वाला पहला रसीला और मीठा फल तू खाए.

मैं समझ गया कि अम्मी का इशारा बहन की सील तोड़ चुदाई से था. अम्मी- साजिया की शादी कहीं और हो गयी, तो वो हमसे दूर चली जाएगी. मैं चाहती हूँ कि मेरे दोनों बच्चे मेरी आखों के सामने रहें. साजिया मुझे बहू के रूप में भी स्वीकार है. मैं कल ही साजिया से बात करती हूँ. पराए घर की लड़की ना मालूम कैसी हो. जब अम्मी ने अपनी शंका जताई.

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तो मेरे मन में तो लड्डू फूटने लगे थे. मैंने ऊपरी विरोध करना छोड़ दिया और अम्मी से बोला- अम्मी जैसी तुम्हारी मर्ज़ी. मुझे कुछ समय पहले की वो घटना याद आ गयी. आज भी उस घटना को याद करके विचलित और रोमांचित हो जाता हूँ. उस वक़्त बहन जवान हो चुकी थी. इतवार का दिन था. घर की छत पर बने रूम में मैं ऑफिस का हिसाब किताब देख रहा था.

साजिया का भी स्कूल बंद था. ऑफिस का काम करते करते थक गया, तो छत पर फ्रेश हवा लेने जैसी ही बाहर निकला. नीचे आंगन में जबहन मादरज़ाद नंगी नहा रही थी. यह देख मैं स्तब्ध रह गया और आंगन की तरफ बनी छत की रेलिंग के पास बैठ कर उस पर रखे फूल के गमले के बीच से खूबसूरत नज़ारा देखने लगा. ये दृश्य इतना कामुक था कि बयान करना मुश्किल है.

एक कमसिन लड़की, जो जवानी के दलीज़ पर खड़ी दस्तक दे रही हो, उसके जिस्म के बारे में क्या कहा जा सकता है. एकदम दूध सी गोरी … छोटी सी उभरी हुई चुत, जो इस बात की तरफ इशारा कर रही थी कि ज़ेबा की चुत से मासिक चक्र शुरू हो चुका था. उसकी नाज़ुक सी पतली कमर … और उस पर उभरे गुंदाज़ कूल्हे, समोसों से कुछ ही बड़े चूचे … आह … बड़ा ही दिलकश नजारा था.

मैंने फ़ौरन अपने मोबाइल से उसकी नंगी जवानी की वीडियो बना ली. अब मैं अक्सर उस वीडियो को देख कर सोचता था कि वो कौन खुशनसीब होगा, जो साजिया की चुत चुदाई करेगा. खुदा की रहमत मुझ पर हुई और आज नसीब मुझ पर मेहरबान हो गया था. साजिया पके हुए फल की तरह मेरे झोली में गिरने वाली थी.

आप खुद समझ सकते हैं कि मेरी अम्मी कितनी हिम्मत और मज़बूत इरादे वाली औरत थी, जो मुस्लिम समाज में सगे भाई-बहन की शादी वर्जित होने के बावजूद इतना बड़ा निर्णय ले चुकी थी. फिर अम्मी ने 2 ही दिन बाद मौका देख कर साजिया से बात की. अम्मी ने जब अपनी इच्छा बताई, तो पहले तो साजिया बहुत गुस्सा हुई. “Bhai Vasna Porn Kahani”

लेकिन जब अम्मी ने उसे भाई की दूसरी शादी, घर का खर्चा, दूसरी पत्नी का बच्चे से बरताव जैसी दिक्कतें बताई और यह शंका जताई कि कहीं वो औरत बेटा को बहका कर अपने वश में ना कर ले, तो फिर हम कहां जाएंगे. अम्मी की बातों में दम था. अम्मी साजिया से बोलीं- देख बेटी … शान तुझे अपनी अम्मी समझता है कम से कम खाला होने के नाते तू अपने बच्चे और शान के बीच में भेद भाव तो नहीं करेगी.

अम्मी के मुँह से बच्चे की बात सुन वो शर्मा गयी और अपना चेहरा छुपाते हुए बोली- धत अम्मी … आप भी ना..! अम्मी ने लोहा गरम देखा तो हथौड़ा चलाते हुए बोल दिया- बेटी हालात को देखते हुए कोई उचित फ़ैसला लेना, जिससे कि सब का भला हो. तेरे भाई ने भी शुरू में अपना विरोध जताया था … लेकिन शायद शान के प्रति तेरी ममता व स्नेह को देख उसने अपनी सहमति दे दी है.

यह सुन कर बहन शरम से लाल हो गयी. उसने झिझकते हुए अम्मी से निर्णय लेने के लिए एक हफ़्ते का वक़्त मांग लिया. बहन अब मेरे सामने आने से कतरा रही थी. उससे एक आध बार नज़रें मिलीं, तो वो बुरी तरह झेंप गयी. नारी सुलभ लज्जा के कारण ऐसा होना तो लाज़िमी था. अम्मी को हड्डी के रोग की दिक्कत थी, वो बहुत कम चलती फिरती थीं.

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लेकिन आज दर्द ज्यादा होने कारण शाम को जब बहन मुझे चाय देने आई, तो मैंने उसे रोक लिया और बोला- देखो साजिया तुम मेरी छोटी बहन हो लेकिन अम्मी हम दोनों की शादी करना चाहती हैं. लेकिन तुम किसी दबाव में … या ऊपरी मन से फ़ैसला मत लेना. तुम्हें कोई और पसंद है, तो खुल कर बताना. उस लड़के से मैं तुम्हारी शादी करवा दूंगा.

बहन सिर झुकाए बोली- नहीं भाईजान ऐसी कोई बात नहीं है … मैं जो भी फ़ैसला लूँगी परिवार के भलाई में लूँगी. यह कह कर वो चली गयी. पांच दिन गुज़र जाने के बाद मैंने एक प्लान बनाया और एक फेक आईडी बनाया और बहन से चैट करने लगा एक दो दिन बाद बहन से पूछा क्या तुम्हें सेक्स फ़िल्म देखना पसंद है तब बहन बोली की कभी कबी देख लेती हूं तब मैं तुरन्त 15 – 16 पॉर्न क्लिप की वीडियो उसके मोबाइल पर सेंड कर दीं. “Bhai Vasna Porn Kahani”

कुछ वीडियो में भाई बहन सेक्स और कुछ में नीग्रो वा यूरोपियन लड़की की थ्रीसम चुदाई की वीडियो क्लिप्स थीं. उस दिन रात को अम्मी के सो जाने के बाद साजिया के कमरे के दरवाजे में बने की-होल से मैंने देखा तो बगल में शान सो रहा था और बहन मोबाइल देखने में बिज़ी थी. मैं समझ गया कि वो पॉर्न क्लिप देख रही है. अब मुझे सुबह उठ कर प्लान नम्बर दो पर काम करना था.

सुबह बहन जाग चुकी थी और बच्चे के लिए दूध का फीडर तैयार कर रही थी. मैं नहाने के लिए लुंगी बनियान लेकर बाथरूम में घुस गया. उस दिन अम्मी के घुटनों में कुछ ज्यादा ही दर्द था. इसलिए अम्मी सो रही थी मै अपने प्लान के मुताबिक मैं जानबूझ कर तौलिया नहीं लाया था. कोई 15 मिनट बाद मैंने अम्मी को आवाज़ दी- अम्मी, मैं अपना तौलिया भूल आया हूँ, प्लीज़ ज़रा दे देना.

अम्मी ने जब 2-3 बार आवाज़ देने के बाद भी कुछ नहीं बोली तब साजिया ने जबाव दिया- ठीक है … रुको अभी दे रही हूँ. बहन ने जैसे ही बाथरूम के दरवाजे को नॉक किया, मैंने दरवाजे ओपन कर दिया. मेरे शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था. मेरे 9 इंच के लंड पर बहन की नज़र पड़ते ही वो स्तब्ध रह गयी. उसके मुँह से केवल इतना निकला- बाप रे इत्ता बड़ा.

इस वक़्त मेरा लंड तोप की नाल की तरह सीधा खड़ा था. उसकी आंखें हैरानी से फटी हुई थीं. मैंने शरारत से कहा- साजिया बहन देखो ना … ये तुम्हें सलामी मार रहा है. यह कह कर मैंने अपने लंड को 3-4 बार अप-डाउन कर दिया. उसने तिरछी नज़र से देखा और यह कहते हुए भाग गई- धत भाईजान आप भी ना … वो शर्माते हुए भाग गयी थी, मगर मेरा चलाया तीर अपने सही निशाने पर लगा चुका था. “Bhai Vasna Porn Kahani”

पहले पॉर्न वीडियो और अपने लंड का दीदार करवाके मैंने उसके अन्दर की वासना और सेक्स की इच्छा को भड़का दिया था. शाम को जब ऑफिस से वापस आया, तो अम्मी ने यह खुशख़बरी दी कि साजिया ने अपनी सहमति दे दी है. मेरा प्लान सफल रहा. मैं तुरन्त ही साजिया के रूम मे गया और शान को चूमने चाटने लगा मेरी छोटी बहन वही थी.

लेकिन मै अपने बेटे से प्यार करते हुए कहा अब तुम्हें एक खुबसूरत अम्मी मिलने वाली है साजिया ये सुनते ही बोली सिर्फ इसे या आपको भी मैं बहन की ओर देखते हुए कहा मुझे तो मेरी सपनो की रानी मिलने वाली है तभी अम्मी की आवाज सुनाई दी अरे बेटा जरा मेरी घुटनों को दिखा दे बहुत दर्द हो रही हैं मैं अमी को लेकर हॉस्पिटल गया वाहा डाक्टर साहब बोले कि बेटा इन्हे एडमिट करना होगा.

मै भी अम्मी को एडमिट कराया और रात को खाना लाने घर चला गया जब मैं बहन को देखा दोस्तो जैसे मैं अन्दर गया बहन अपनी कपड़े उतार रही थी क्या बताऊं सच में आज साजिया मेरी छोटी बहन आज मुझे पागल कर रही थी क्या सेक्सी फिगर थी शायद बहन नहाने जाने की हो रही थी.

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जैसे ही साजिया पिछे मुड़ी और मुझे देखते ही तुरन्त बेड पर लेट गई और बेड शीट को अपने बदन पर लपेट ली और हरबराते हुऐ बोली भाई जान आप कब आए मैं तुरन्त ही साजिया के बेड पर बैठ गया और उसके ऊपर लेट कर धीरे धीरे बेड शीट खींचने लगा मेरी छोटी बहन अब शर्म से लाल हो रही थी. “Bhai Vasna Porn Kahani”

जैसे ही मैं बहन को नंगा किया और उसके ऊपर चढ़ कर बोल अब क्या शर्माना साजिया अब तो अपनी निकाह सादी हो रही है तभी साजिया बोली भाई जान अभी तो मैं आपकी बहन हु मैं बहन को देखा और उसके ऊपर चढ़ कर बोल अभी बना देता हूं बेगम साजिया कुछ बोलती उससे पहले ही मैं अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और एक झटके में अन्दर पेल दिया.

साजिया छटपटाते हुए कहा भाई जान धीरे धीरे करो मैं बर्दास्त नही कर पाऊंगी मैं भी धीरे धीरे छोटी बहन साजिया को चोदने लगा और करीब एक घंटे बाद बहन चार बार झड़ गई थी तब मैं झड़ा और सारा वीर्य उसके चूत में अन्दर डाल दिया उसके बाद बहन को बोला कि अम्मी कुछ दीन के लिए हॉस्पिटल में एडमिट रहेगी और उसके बाद बहन को मैं एक हफ्ते तक रोज सुबह से रात तक 5 बार चोदता था लेकिन अब बहन भी धीरे धीरे काफी खुल गई थी और उसके बाद क्या हुआ ये कहनी अगले भाग में लिखेंगे आप कमेंट्स कर सकते हैं.

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