कजिन की गहरी नींद का फायदा उठाया – Crazy Sex Story


Desi Girl Petticoat Sex

हेलो फ्रेंड्स मैं आपको मेरी और मेरी कजिन पिंकी की सेक्स स्टोरी सुनाना चाहता हूँ.. मेरा नाम अमित है आपको काफी पसंद आएगी पहले मैं पिंकी के बारे में बता दूँ.. पिंकी ने हाल ही मे 18 साल की उम्र पार की है और अभी वो 19 की हो चुकी है.. Desi Girl Petticoat Sex

पिंकी काफी छोटे छोटे फैशनबल कपडे पहनती है.. डीप क्लीवेज के टोप पहनती है जिस से उसके बड़े बड़े बोबे और जब भी झुकती है तो उसका क्लीवेज बहुत सेक्सी लगता है.. पिंकी की एज 19 साल है लेकिन उसके फिगर से लगती नहीं है… उसका फिगर किसी 25 साल की लड़की जितना है..

पिंकी की ब्रा का साइज 30 तो डेफिनेटली होगा.. पिंकी की गांड भी काफी बड़ी बड़ी है… जब भी चलती है तो उसकी गांड काफी मटकती है… पिंकी की गांड और बोबे देख कर ही अच्छे अच्छे लड़को का पानी छूट जाए… मेरा भी कई बार गीला हो चूका है पिंकी को देखकर..

पिंकी जब भी छुट्टियों मे मेरे घर आती है.. हम सब लोग काफी मस्ती करते है.. पिंकी भी बहुत मस्तीखोर है.. मस्ती करते करते मेरी नज़रे कई बार उसके बोबों पर चली जाती और फिर मेरा लंड खड़ा हो जाता.. मस्ती मस्ती मे कई बार तो मै पिंकी के बोबों को छु लेता और कई बार उसकी गांड को छू लेता था..

पिंकी का बदन काफी गदराया हुआ और सेक्सी था.. मेरी चाहत तो पिंकी के जिस्म को नंगा देखने की थी पर वो ठहरी मेरी बहन… तो ऐसा हो पाना नामुमकिन था.. कई बार तो मैंने पिंकी को सोच सोच कर मुठ मारी है.. पिंकी एकदम गौरी चिट्टी लड़की है और चेहरा भी बहुत खूबसूरत है…

मै यकीन के साथ कह सकता हूँ की पिंकी के निप्पल भी गोर होंगे और चुत भी गोरी होगी… ये सोच के ही मेरा लण्ड खड़ा हो जाता है.. अब मै मैन कहानी पर आता हूँ… एक दिन पिंकी उसकी मम्मी के साथ मेरे घर आई मेरे घरवालों से मिलने.

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पिंकी बहुत दिनों बाद घर आई थी तो उसका मन लग गया और उसने उसकी मम्मी के साथ घर जाने से मना कर दिया…. पिंकी की मम्मी भी मान गई और वो पिंकी को मेरे घर ही छोड़ कर चली गई… रात हो चुकी थी.. हम सब ने खाना खाया और सोने चले गए..

मेरी मम्मी, मैं, पिंकी और मेरी नानी हम सब नीचे फर्श पर बिस्तर कर के सो रहे थे… 1 ही रूम है तो हम सब पास पास मै ही सोते है… मेरी किस्मत अच्छी थी की उस रात पिंकी मेरे पास सोइ थी… मेरे मन मै तो लड्डू फूटने लग गए… पिंकी की मम्मी ने बातो बातो मै एक दिन बताया था की पिंकी नींद की बहुत कच्ची है..

एक बार अगर नींद आ गई उसके बाद तो कोई भी आके उठाओ, कभी नहीं उठती है, सीधा सुबह ही आँख खुलती है. ये बात भी उस वक़्त मुझे याद आ गई.. मै बहुत खुश हो गया था, कि आज कुछ न कुछ तो जरूर मिलेगा मुझे..

उन दिनों गर्मी का टाइम था और पिंकी साथ मै कुछ कपडे भी नहीं लाई थी रात मै पहनने के लिए, और वो घर से भी जीन्स टॉप पहन कर आई थी… जीन्स तो काफी चुभती है रात को सो ही नहीं सकते जीन्स पहन के तो…. पिंकी ने मेरी मम्मी को बोला मौसी क्या पहनू मैं… जीन्स मै तो नींद नहीं आएगी…

फिर पिंकी ने ही मम्मी को सजेस्ट किया कि मुझे आपका पेटीकोट दे दो वो हल्का भी रहेगा तो नींद आ जाएगी… मम्मी ने अलमारी से एक पेटीकोट पिंकी को दे दिया…. पिंकी वही पेटीकोट पहन के सोइ थी.. और ऊपर उसने टोपर पहना था जो नीचे से काफी ऊपर था.. नैवेल से भी ऊपर, और चौड़ा भी था..

मैंने दिमाग मै यही सब चल रहा था कि मैं कैसे क्या करूँगा, पिंकी को कब नींद आएगी वगैरह वगैरह… फिर जब रात को सब सो गए तब मैंने पिंकी को देखा, वो भी सो चुकी थी… मैंने उठ के कन्फर्म करने के लिए कि सब सोए या नहीं, मै वाशरूम गया और वापस आके पानी पिया..

मेरी हलचल और आवाज से किसी का कोई रेस्पोंस नहीं आया तो मुझे पता चल गया कि सब सो गए… अब मुझे पिंकी का कन्फर्म करना था कि वो सोई या नहीं, मैंने उसको कंधे से थोड़ा हिलाया लेकिन उसका कोई रेस्पॉन्स नहीं आया, मैंने फिर से कंधे को हिलाया तब भी उसका कोई रेस्पॉन्स नहीं आया…

मुझे भी कन्फर्मेशन मिल गया पिंकी के सो जाने का…. मै भी लेट गया पिंकी के पास… पिंकी करवट लेकर सोई हुई थी और उसका मुँह भी मेरी तरफ था… मैंने मेरा सिर पिंकी के तकिये पर धीरे से रख दिया… और मेरे होंठ पिंकी के होंठो के पास ले गया…

पिंकी कि गरम गरम साँसे मेरे मुँह को छू रही थी, मैंने धीरे से पिंकी के होंठो को चुम लिया और जल्दी से अपने तकिये पर सिर रख के सोने का नाटक किया… पिंकी हिली भी नहीं.. मैंने आँख खोल के देखा तो पिंकी जैसी कि तैसी सोई थी… मैं फिर से उसके तकिये पर सिर लेकर गया और इस बार मैंने उसके होठों को जीभ से चाटा…

पिंकी फिर भी नहीं हिली… मेरी हिम्मत और भी बढ़ गई और मैंने पिंकी के होंठ अपने होंठो मै दबा दिए और उनको चूमने लगा… पिंकी ने लिपस्टिक लगाई हुई थी जो सब मै चाट गया और पिंकी के होंठो का टेस्ट भी मुझे आने लग गया… मैं एकदम मदहोश हो गया था जैसे मैंने कोई नशा कर लिया हो…

फिर मै वापस मेरे तकिये पर चला गया, अब मेरी नज़र पिंकी के बोबों पर थी जो टोप से ढ़के हुए थे.. पिंकी के बोबों के बीच कि लाइन साफ़ दिख रही थी… जो बहुत ही सेक्सी लग रही थी… मैंने कांपते हुए हाथों को पिंकी के बोबों कि तरफ बढ़ाया और उसके टोप के बटन खोलना स्टार्ट किया…

एक एक कर के सारे बटन खोल दिए…. और टोप को उसके बोबों के आगे से हटा दिया…. पिंकी का फिगर देखते ही मेरा हाथ मेरे लण्ड पर चला गया लेकिन मैंने कण्ट्रोल किया… पिंकी ने अंदर ब्लैक कलर की स्लीवलेस ब्रा पहनी थी… मै पिंकी की ब्रा के पास हाथ ले गया और धीरे धीरे ब्रा को सहलाने लगा…

और दूसरे हाथ से पिंकी के पेट और नैवेल को सहला रहा था… फिर मैंने एक ऊँगली पिंकी की ब्रा के अंदर डाल दी दोनों बोबों के बीच मै…. और धीरे धीरे हिलाने लगा… पिंकी के बोबे बहुत ही मुलायम और गरम थे…. अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मुझे बस पिंकी के बोबों को नंगा देखना था…

और मेरा डर भी अब निकल गया था, पिंकी की मम्मी सही बोलती है, पिंकी नींद की बहुत कच्ची है, एक बार नींद आने के बाद सीधे सुबह ही खुलती है… पिंकी की ब्रा स्लीवलेस थी तो ब्रा की पट्टी कंधो पर नहीं थी वो सिर्फ ने के बोबों पर ही टिकी हुई थी…

मैंने ब्रा को थोड़ा सा नीचे की तरफ खींचा तो पिंकी की ब्रा नीचे आ गई…. उफ्फ्फ्फ़…… पिंकी के बोबे….. पिंकी के नंगे बोबे मेरी आँखों के सामने थे…. मैं तो ख़ुशी से पागल हो गया था… थोड़ी देर तक तो मै पिंकी के बोबे निहारता रहा… बड़े बड़े गोर गोर बोबे थे पिंकी के…. जितना मैंने सोचा था उससे भी ज्यादा बड़े और गोर थे और एकदम टाइट थे…. निप्पल एकदम लाइट ब्राउन कलर के थे..

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रूम की लाइट मै पिंकी के बोबे और भी ज्यादा चमक रहे थे… मैंने धीरे से पिंकी के निप्पल को छुआ… फिर दूसरे निप्पल को छुआ… मेरी बॉडी मै तो मानो करंट दौड़ गया हो… मैंने पिंकी के एक बोबे पर मेरा हाथ फैला केरख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा… थोड़ी देर बाद दूसरा बोबा भी सहलाया… और धीरे धीरे दबाया भी….

पिंकी को कोई फर्क नहीं पड रहा था, घोड़े बेच कर सो रही थी वो तो… मेरी हिम्मत और भी बढ़ गई और मैंने थोड़ा जोर से बोबे दबाना स्टार्ट कर दिया… और उसके पास जाकर बोबों पर किस्स भी किया और निप्पल को भी बहुत मजे से चूसा… ऐसा लग रहा था की मै पिंकी के बोबों से सारा दूध निकाल के पी लूं…

फिर मैंने पिंकी की ब्रा वापस ठीक की और टोपर के बटन भी लगा दिए… फिर मै फिर से वाशरूम जाके आया और फिर से लेट गया… पिंकी के बोबों से खेलने का और उनको चूसने का मेरा एक सपना तो पूरा हो गया… अब मुझे कुछ और भी चाहिए था जिससे मन मै जल रही आग को शांत किया जा सकता है… “Desi Girl Petticoat Sex”

पिंकी ने एक पतली सी चद्दर कमर तक ओढ़ रखी थी…. मैंने मेरा एक हाथ उस चद्दर मैं डाला और पिंकी की चुत के पास ले गया… जैसे जैसे हाथ आगे बढ़ाया वैसे वैसे पिंकी की चुत की गर्मी का एहसास हो रहा था… और फिर फाइनली मेरा हाथ पिंकी की जांघो के बीच तक पहुंच गया….

लेकिन पिंकी की चुत फील नहीं हो रही थी, क्यों कि पेटीकोट पिंकी कि जांघो के बीच मै काफी सिमट गया था तो वो कपडा काफी मोटा होने के कारण चुत फील नहीं हुई… फिर मैंने धीरे धीरे खींच खींच कर पिंकी कि जांघो के बीच से पेटीकोट को छुड़ाया… वापस चुत कि तरफ हाथ बढ़ाया…

अब पिंकी कि चुत और मेरे हाथ के बीच एक पतला सा पेटीकोट और एक पतली सी चड्डी थी… मैंने पेटीकोट के ऊपर से ही पिंकी कि चुत पर हाथ रखा और धीरे धीरे सहलाने लगा.. मुझे थोड़ा थोड़ा चुत का शेप महसूस हो रहा था…. पिंकी के दोनों पैर मिले हुए थे, मतलब एक के ऊपर एक पैर था इसलिए उसकी चुत एकदम सिकुड़ी हुई थी और एक दम मुलायम लग रही थी….

अब मैंने वापस अपना हाथ पीछे कर लिया और उसका पेटीकोट खींच लिया तो वो उसकी चुत से दूर हो गया… फिर मैंने पिंकी के चद्दर को आगे से इतना ऊपर कर दिया जितने मै मैं आगे आगे से उसे देख सकूँ.. फिर मैंने पिंकी का पेटीकोट पकड़ा और धीरे धीरे उसे ऊपर करने लगा…

धीरे धीरे पिंकी कि टाँगे दिखी फिर पिंकी कि जाँघे दिखी… मैंने उसकी जांघो पर हाथ घुमाना स्टार्ट किया…. एक दम मुलायम गोरी गोरी रेशमी जाँघे है पिंकी कि… धीरे धीरे मैंने पेटीकोट को और ऊपर किया तो पिंकी कि पैंटी दिखने लगी…. फिर मैंने पिंकी कि पैंटी के ऊपर से ही उसकी गांड को सहलाना स्टार्ट किया…

पिंकी कि गांड भी बहुत बड़ी बड़ी है, जैसा कि मैं आपको पहले बता चुका हूँ…. पिंकी कि गांड सहलाते सहलाते मैं हाथ को आगे लाया और पिंकी कि जांघो के बीच ले गया… पिंकी कि चुत एक दम भट्टी कि तरह गरम हो रही थी.. मैं पैंटी के ऊपर से ही पिंकी कि चुत को सहलाने लगा…. “Desi Girl Petticoat Sex”

थोड़ी देर उसकी चुत से खेलने के बाद मैंने पिंकी कि चड्डी को उसकी चुत के आगे से थोड़ा हटाया और एक दम मेरी नज़र उसकी चुत पर पड़ी… उसकी चुत देखते ही मेरी धड़कने बढ़ गई… मैंने अपना हाथ पीछे कर लिया क्यों कि मेरा हाथ कांपने लगा था.. 1-2 मिनट बाद जब मैं नार्मल हुआ तो मैंने वापस पिंकी कि चुत से चड्डी हटाई और चुत को देखने लगा…

उफ्फ्फ्फ़ क्या चुत है मेरी बहन कि… कोई भी देख ले तो लण्ड डाले बिना उसे चैन ना आए, मेरा भी कुछ ऐसा ही हाल था… मैंने मेरी चारों उंगलिया अब पिंकी कि चड्डी मै डाल दी थी और उसकी चुत को सहला रहा था… पिंकी कि चुत एक दम अमेरिकन लड़की जैसी है, एकदम गुलाबी गुलाबी.. एक दम बारीक बारीक झांटे है और एक दम मुलायम और चिकनी…. चुत के होंठ भी फूले हुए है… एकदम कमसिन कलि जैसे….

मैंने काफी देर तक उसकी चुत को सहलाया… और फिर धीरे से उसकी चुत मै एक ऊँगली डाली.. जैसे ही ऊँगली डाली तो पिंकी थोड़ी सी हिली.. मै पीछे हो गया.. पिंकी ने पेटीकोट को थोड़ा नीचे करके ठीक किया और करवट बदल के सो गई…

मै भी सोने का बहाना करके आँख बंद कर के लेट गया… फिर वापस आँख खोल के देखा तो पिंकी मेरी तरफ अपनी गांड करके सोई थी… मैंने भी पिंकी कि तरफ करवट ले ली… मैंने फिर से थोड़ा ऊपर उठ के सब लोगों को देखा, सब गहरी नींद मै ही थे… पिंकी को हिलाया तो वो भी नींद मै ही थी…

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अब मैंने मेरी कैपरी थोड़ी नीचे कर ली और चड्डी समेत पिंकी से चिपक गया.. पिंकी का कोई एक्शन नहीं था… फिर मैंने धीरे धीरे पिंकी का पेटीकोट फिर से ऊपर उठाया और कमर तक ऊपर कर दिया… पिंकी फिर से चड्डी मै थी मेरे सामने और उसकी बड़ी बड़ी गांड मेरे सामने थी….

मैंने फिर से उसकी गांड पे मेरा लण्ड रख दिया… उसकी गांड और मेरे लण्ड के बीच दोनों कि चड्डियाँ थी… मै धीरे धीरे उसकी गांड को रगड़ने लगा… लेकिन वो ज़रा भी नहीं हिली…. इस से मेरी हिम्मत बढ़ती जा रही थी… मैंने मेरे लण्ड को चड्डी से बाहर निकाल दिया और पिंकी कि चड्डी पर टिका दिया… और फिर से पिंकी कि गांड पर रगड़ने लगा… “Desi Girl Petticoat Sex”

फिर सोचा अब आगे कुछ ना करू और सो जाऊ.. लेकिन बाद मै ये ख्याल भी आया कि पिंकी रोज़ रोज़ नहीं मिलेगी, आज जो भी कर सकता है, कर ले… मैंने कमर से पिंकी कि चड्डी को पकड़ा और धीरे धीरे नीचे खींच लिया पिंकी कि एक गांड चड्डी से बाहर आ गई थी… अब चड्डी भी लूज़ हो गई थी, क्यूकि एक तरफ से खुल गई थी, तो अब पूरी खोलना आसान था…

मैंने दूसरी तरफ से भी चड्डी खींची तो वो आसानी से खुल गई.. फिर मैंने पिंकी कि चड्डी को घुटनों तक खिसका दी… अब पिंकी कि गांड और मेरे लण्ड के बीच कुछ भी नहीं था…. मैं पिंकी कि तरफ खिसका और उसकी गांड कि दरार पर मेरा लण्ड चिपका दिया और ऐसे ही लेट गया…

पिंकी कि गरम गरम गांड मेरे लण्ड पर फील हो रही थी.. फिर मैंने मेरे लण्ड को गांड पर रगड़ना शुरू कर दिया.. बहुत मजा आ रहा था मुझे ऐसा करते हुए… मैंने थोड़ी हिम्मत और दिखाई और पिंकी का पैर थोड़ा सा ऊपर उठा के मेरा लण्ड पिंकी कि चुत के पास कर लिया… असली मजा तो अब आ रहा था मुझे जब मै उसकी चुत पर लण्ड को रगड़ रहा था…

मेरा लण्ड पिंकी कि जांघो को चीरते हुए पिंकी कि चुत तक जा रहा था और फिर वो चुत से रगड़ रहा था… ऐसा लग रहा था कि पिंकी अपनी जांघो से मेरा मुठ मार रही हो…. मैंने फिर से पिंकी के टोपर के बटन खोल दिए और ब्रा नीचे खिसका दी और बोबे दबाने लगा… उसकी चुत पे लण्ड रगड़ने और बोबे दबाने का कॉम्बो मुझे बहुत उत्तेजित कर रहा था…

मै जोश मे आ गया और मैंने पिंकी कि चुत के छेद पर लण्ड को सेट कर लिया… अब मुझे इस तरह से चुत मे डालना था कि पिंकी को पता न चले.. मैंने लण्ड को चुत के छेद पे रखा और हल्का सा दबाव डाला… लण्ड ने आटोमेटिक अपना रास्ता ढूंढ लिया और फिसलता हुआ पिंकी कि चुत मे घुस गया. सिर्फ लण्ड का टोपा ही अंदर गुसा था..

मैंने दबाव को बनाए रखा, और लण्ड धीरे धीरे आधा घुस गया.. फिर मैंने दबाव नहीं डाला और रुक गया… और पिंकी के बोबों से खेलता रहा… अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था तो मैंने पिंकी कि चुत मे झटके मारना शुरू कर दिया… मैंने 2-3 झटके ही मारे होंगे और दर्द कि वजह से पिंकी कि नींद खुल गई… “Desi Girl Petticoat Sex”

पिंकी चौंक गई कि ये क्या हो रहा है… पिंकी ने एक दम पलट कर मुझे देखा तो उसने पाया कि उसकी चुत कि चुदाई हो रही है, और कोई और नहीं मे ही चोद रहा हूँ… पिंकी कि समझ मे नहीं आया कि अब वो क्या करे… वो धीरे से मुझे बोली क्या कर रहे हो भैया मुझे दर्द हो रहा है…

मैंने पिंकी से बोला इसमें मेरी कोई गलती नहीं है पिंकी… एक तो तु इतनी हॉट है.. और फिर तूने कपडे भी ऐसे पहने है.. और अभी मे पानी पीने उठा तो तेरा पेटीकोट हवा से तेरी कमर तक आ गया था… तुझे चड्डी मे देख के मेरे जज़्बात जाग गए, मैं क्या करता तु ही बता…

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पिंकी बोली अब क्या करना है… ?? आप इसको मेरे अंदर से बाहर निकाल दो मे किसी से कुछ नहीं बोलूंगी.. मैं मायूस हो गया.. मैंने पिंकी को बोला -देख मैंने इतना तो कर ही लिया है, 5 मिनट और करने दे बस प्लीज… पिंकी बोली यहाँ नहीं भैया, कोई जाग जाएगा तो प्रॉब्लम हो सकती है… आप बाहर वाले रूम मे चलो मे वही आ रही हूँ..

मेरी समझ मे नहीं आया कि वो मान कैसे गई… लेकिन फिर मैंने सोचा वो भी जवान है उसका भी मन होगा ऐसा करने का…. मैंने वापस अपने कपडे पहने और बाहर वाले रूम मे जाके पिंकी का वेट करने लगा.. पिंकी ने अपने कपडे ठीक किये और बाहर वाले रूम मे आ गई..

बाहर वाले रूम मे पंखा ख़राब हो रहा है इसलिए वहां कोई नहीं सोता है… वहां भी एक पलंग लगा हुआ है और बिस्तर वगैरह सब कम्पलीट है.. पिंकी ने रूम मे आके अंदर से कुण्डी लगा दी… पिंकी कुण्डी लगा रही थी तभी मैंने पिंकी को पीछे से दबोच लिया और उसके टोपर के बटन खोल के बोबे दबाने लगा.. “Desi Girl Petticoat Sex”

फिर ब्रा भी नीचे कर दी और फिर बोबे दबाने लगा… 2-3 मिनट तो न ने मुझे उसके बोबे दबाने दिए लेकिन फिर बोली कि ये सब करने मे टाइम मत वेस्ट करो… जो करने आए हो जल्दी से करो.. सुबह होने वाली है कोई भी आ सकता है… मैंने बोला पिंकी प्लीज दबाने दे ना, बहुत अच्छा लग रहा है तेरे बूब्स दबा कर..

पिंकी बोली -अरे भाई समझो… आपकी एक रिक्वेस्ट मैंने मान ली… आपको 5 मिनट के लिए और करना था आपका वो आइटम मेरे अंदर डाल कर… वो कर लो आप, कुछ और नही.. मैंने भी सोचा -अब जितना मिल रहा है, वो ही बहुत है.. बाकि सब तो मैं वैसे भी कर चुका हूँ..

मैंने बोला ओके पिंकी कुछ और नहीं कर रहा हूँ बस.. जो करने आया हूँ वो तो करने दे.. पिंकी बोली कर लो जल्दी से मैंने उसके लिए आपको कहाँ मना किया है.. मैंने पिंकी को पलंग पर लेटा दिया और उसका पेटीकोट ऊपर करके चड्डी खोल दी… मेरी चड्डी और कैपरी भी खोल दी और पिंकी के पैरों के बीच बैठ कर पिंकी कि चुत पर लण्ड को रगड़ने लगा..

और फिर लण्ड को चुत मे डाल कर पिंकी के ऊपर लेट गया.. और फिर धीरे धीरे पिंकी को चोदने लगा.. पिंकी अपने मुँह से एक दम धीमी आवाज मे सिसकारियां निकाल रही थी आअह्ह्ह आआअह्ह्ह्हह आह्ह्हह्ह्ह्ह भैया आराम से करो आअह्ह्ह्हह मैंने बोला- पिंकी तेरी चुत बहुत ही हॉट है और तेरे बोबे भीएक दम हॉट है..

पिंकी को शर्म आ गई वो बोल- अच्छा ऐसा क्या खास है इनमे… मैंने बोला तेरी चुत एक दम अमेरिकन लड़की कि चुत जैसी है गोरी गोरी… और तेरे बोबे भी किसी मिल्फ से कम नहीं है.. मैं पिंकी को चोदते चोदते उससे ये बाते कर रहा था.. और वो भी मुझे सीसकरते सीसकरते जवाब दे रही थी.. “Desi Girl Petticoat Sex”

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मैंने पिंकी को बोला कि तूने पहले कभी सेक्स किया है.. वो बोली- आपने शायद नोटिस नहीं किया है, मेरी पुस्सी खुली हुई है, मतलब मेरी सील टूटी हुई है.. मैं हैरान हो गया और वो भी मुस्कुरा दी.. मैंने पूछा किसने तोड़ी तेरी सील ?? वो बोली मेरा एक बॉयफ्रेंड है उसके साथ सेक्स करते टाइम मेरी सील टूट गई, बहुत खून निकला था पुस्सी से…

अब तो मैंने पिंकी के टोप के सारे बटन खोल दिए और ब्रा भी नीचे खींच ली, अब उसने भी मुझे नहीं रोका… मैंने उसके बोबे दबाना शुरू कर दिया और चुत मे जोर जोर से झटके मारना शुरू कर दिया.. बहुत देर तक मे पिंकी कि चुत मारता रहा, पिंकी भी गांड को हिला हिला कर अपनी चुत चुदवा रही थी…

मेरी बॉडी ऐंठने लग गई और एक तेज झटके के साथ मे पिंकी कि चुत मे ही झड़ गया.. और पिंकी के ऊपर ही लेट गया.. फिर हम दोनों उठे तो पिंकी ने मुझे लिपकिस किया और बोली कि मेरे बॉयफ्रेंड के बारे मे किसी को बताना मत.. मैंने भी उसको बोला कि तु भी किसी को बताना मत कि मैंने तेरी चुदाई कि है और फिर हम दोनों वापस रूम मे जाकर सो गए..

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